Saturday, 19 April 2014

बदलता वैशाली


एक दिन अचानक वैशाली मेट्रो स्टेशन से एग्जिट लेते वक़्त मन किया कुछ तसवीरें लेने का, ले लीं।  मेरा अनुभव कहता है कि पिछले कुछ सालों में यह शहर क़ाफी बदल गया है। मेरा फ़ोन ज्यादा हाई- फाई तो नहीं है मगर फिर भी आप कोशिश कीजियेगा यह देखने की कि कितना बदला है वैशाली।

पहली तस्वीर वैशाली से मोहन नगर आने वाले ऑटो की है। फोटो लेने से खुद को रोक पाना मुश्किल था। क्योंकि ऑटो चल रहा था इसलिए फोटो साफ़ नहीं है।  इन दो लाइनों में निम्नलिखित शब्द लिखे हैं-
                       
                                               हँस मत पगली प्यार हो जाएगा,
                                    कृपया खुले पैसे दें वरना 10 का नोट पूरा हो जाएगा।

सारी दुनिया के कवि एक तरफ , ऑटो वालों की शायरी एक तरफ।  इनका किसी से भी मुक़ाबला करना मुश्किल है। बाक़ी आप देखते रहिये।















No comments:

Post a Comment