सुनो,
उसे तुमसे अपने दिल की बात ज़ाहिर करनी है। वो बहुत खुश है ये जानकर कि 'तुम' जैसे एक शख़्स को उससे मुहोब्बत हुई। "आई मुहब्बत यू", ये वही शब्द हैं जो तुमने उससे कहे थे।
जैसा कि उसने तुम्हें पहले भी बताया था कि उसके दिल में हमेशा से तुम्हारे लिए एक ख़ास जगह थी। तुम्हारी शख़्सियत में कोई तो ऐसी बात है जो उसने आज तक किसी में नहीं आँकी। ये सच है कि उसे तुमसे मुहब्बत नहीं है, पर हाँ, वो अपने दिल को एक मौक़ा देना चाहती है।
बहुत सख़्त है वो, कभी इश्क़ के जज़बात को समझना ही नहीं चाहा उसने। अब आरज़ू ये है कि काश तुम्हारी मुहोब्बत में इतनी शिद्दत हो कि तुम उसे अपना बना लो। कुछ बातें तुमने कहीं कि तुम उसकी "इन-उन" अदाओं पर फ़िदा हो। उसकी सादगी के क़ायल हो, और शायद उसी पर मर बैठे हो। अच्छा है।
बात ये है कि उसकी अब तक की छोटी-सी ज़िन्दगी की कुछ बहुत बड़ी-बड़ी कहानियां हैं, जिन्हे वो तुमसे बाँटना चाहती है। साथ ही, उसे ये भी यकीं है कि तुम्हारी भी कोई दिलचस्प कहानी ज़रूर है, जो वो बेसब्री से सुनना चाहेगी।
जिस दिन से तुमने इज़हार-ए-मुहोब्बत किया है, तब से हर दिन ऐसा होने लगा है की तुम चौबीसों घंटे उसके दिल-ओ-दिमाग़ में घूमते हो।
उसे नहीं पता कि क़िस्मत का इरादा क्या है, पर वो इतना जानती है कि वो तुम्हें खोना नहीं चाहती। तुम दोस्त की तरह ही मिलो या आँखों में मुहोब्बत की चमक साथ ले आओ, ये अब तुम पर है।
उसे सिर्फ इतना कहना है कि अगर तुम ये कर सकते हो तो कर दो। उसे अपनी मुहब्बत में रंग लो। उसका दिल ग़मों, उलझनों, परेशानियों और असमंजसों का ग़ुलाम बना हुआ है। इस सबसे आज़ाद कर उसे अपनी बाहों के घेरे में महफूज़ कर लो।
पलकों पर उम्मीद सजाये....
तुम्हारी "वो"!!!
उसे तुमसे अपने दिल की बात ज़ाहिर करनी है। वो बहुत खुश है ये जानकर कि 'तुम' जैसे एक शख़्स को उससे मुहोब्बत हुई। "आई मुहब्बत यू", ये वही शब्द हैं जो तुमने उससे कहे थे।
जैसा कि उसने तुम्हें पहले भी बताया था कि उसके दिल में हमेशा से तुम्हारे लिए एक ख़ास जगह थी। तुम्हारी शख़्सियत में कोई तो ऐसी बात है जो उसने आज तक किसी में नहीं आँकी। ये सच है कि उसे तुमसे मुहब्बत नहीं है, पर हाँ, वो अपने दिल को एक मौक़ा देना चाहती है।
बहुत सख़्त है वो, कभी इश्क़ के जज़बात को समझना ही नहीं चाहा उसने। अब आरज़ू ये है कि काश तुम्हारी मुहोब्बत में इतनी शिद्दत हो कि तुम उसे अपना बना लो। कुछ बातें तुमने कहीं कि तुम उसकी "इन-उन" अदाओं पर फ़िदा हो। उसकी सादगी के क़ायल हो, और शायद उसी पर मर बैठे हो। अच्छा है।
बात ये है कि उसकी अब तक की छोटी-सी ज़िन्दगी की कुछ बहुत बड़ी-बड़ी कहानियां हैं, जिन्हे वो तुमसे बाँटना चाहती है। साथ ही, उसे ये भी यकीं है कि तुम्हारी भी कोई दिलचस्प कहानी ज़रूर है, जो वो बेसब्री से सुनना चाहेगी।
जिस दिन से तुमने इज़हार-ए-मुहोब्बत किया है, तब से हर दिन ऐसा होने लगा है की तुम चौबीसों घंटे उसके दिल-ओ-दिमाग़ में घूमते हो।
उसे नहीं पता कि क़िस्मत का इरादा क्या है, पर वो इतना जानती है कि वो तुम्हें खोना नहीं चाहती। तुम दोस्त की तरह ही मिलो या आँखों में मुहोब्बत की चमक साथ ले आओ, ये अब तुम पर है।
उसे सिर्फ इतना कहना है कि अगर तुम ये कर सकते हो तो कर दो। उसे अपनी मुहब्बत में रंग लो। उसका दिल ग़मों, उलझनों, परेशानियों और असमंजसों का ग़ुलाम बना हुआ है। इस सबसे आज़ाद कर उसे अपनी बाहों के घेरे में महफूज़ कर लो।
पलकों पर उम्मीद सजाये....
तुम्हारी "वो"!!!