एकाएक वो अपनी कुर्सी से उठकर वाशरूम की ओर भागी। उसकी आँखों में जैसे आँसुओं का समंदर - सा उमड़ पड़ा था। सबसे मुँह छिपाए वो चलती चली गयी। मैंने देखा तो था पर उसके पीछे जाने की हिम्मत नहीं हुई। जब वो मेरी आँखों से ओझल हो गई, अचानक मैंने अपना कंप्यूटर बंद कर दिया और किसी गहरी सोच में डूब गयी। कुछ देर बाद जब ध्यान टूटा तो एहसास हुआ कि वो अब तक अपनी सीट पर वापिस नहीं आई है। मुझे कोई डर सा सताने लगा और खुद को न रोक पाते हुए मैं भी उसके चले हुए रस्ते पर से गुज़रते हुए उसके पास पहुँच गयी।
पहुंचकर देखा कि वो शीशे के सामने खड़ी रो रही थी। दिल कर रहा था उसे एक बार गले लगा लूँ , कुछ तो सांत्वना मिलेगी उसे। अकेलापन दूर हो जाएगा, लगेगा कि आज भी मुझे उसकी परवाह है, इंसानियत के नाते ही सही। वो थोड़ा बेहतर महसूस करेगी शायद, पर डर इतना लग रहा था कि उससे नज़रें तक भी नहीं मिली। जैसे ही उसे एहसास हुआ कि कोई उसके पीछे खड़ा है, उसने वॉशबेसिन का नल खोला और मुँह पर पानी के छींटें मारने लगी। मैं अभी भी वहीं खड़ी उसे सिर्फ देख रही थी, कुछ भी कहने की हिम्मत ही नहीं हो रही थी।
मुँह धोकर नज़रें झुकाये जब वो जाने लगी तो अचानक ही मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और पूछा - "तुम ठीक हो?"
ज़मीन को घूरते हुए उसने कहा- "हम्म"।
मैंने फिर उसकी गीली पलकों को देखते हुए कहा- "बात करना चाहोगी ?"
हाथ छुड़ाते हुए उसने कहा "हम्म, मैं ठीक हूँ"।
"आर यू श्योर ?"- मैंने फिर पूँछा।
"हम्म" - दबी सी आवाज़ में उसने कहा, और चली गई।
उसके जाते ही न जाने क्या हुआ। मैंने खुद को नज़र भर उसी आईने में देखा और अपनी आँखों में आये आँसुओं के सैलाब का दीदार किया, जिसे देखकर मैं फूट - फूट कर रोने लगी। कुछ समझ नहीं पा रही थी कि सहसा ये सब क्यों और कैसे हो रहा है ? जब कल पूरी रात मंथन किया तो कुछ ऐसा पाया कि शायद क़िस्मत एक कहानी दोहरा रही है, साथ ही दूसरी लिख भी रही है। मेरी ये ख़्वाहिश है कि पहली वाली कहानी यहीं थम जाये और दूसरी की तो शायद कल ही शुरुआत हुई है, जिसका अंत बहुत ही रहस्यमयी - सा लगता है। ख़ैर जो भी हो, मुझे अब सिर्फ इसके अंत का बेसब्री से इंतज़ार है।
और इतनी गुज़ारिश भी है उस ख़ुदा से, कि उसे हालात से लड़ने की हिम्मत दे। मुझे बिलकुल एहसास नहीं कि उसके दिल- ओ- दिमाग में क्या चल रहा है। बस बार - बार मुंह से एक दुआ निकलती है , भगवान उसे शक्ति दे। और मुझे भी।
Wow Akanki This is truly brilliant :) I swear :)
ReplyDeleteAmazing🥰
ReplyDeleteपढ़ कर मानो ऐसा लगने लगा था जैसे ये किसी मूवी का सीन हो, ईश्वर आपकी लेखन कला समय के साथ साथ और निखारे !!!
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