हम सब जानते हैं कि एक शिक्षक अपने विद्यार्थी के जीवन में अहम किरदार अदा करते हैं। और फिर जिनके नाम में ही प्रभात हो, वो तो अपने विद्यार्थियों का जीवन रोशनी से ही उजागर करेंगे। ऐसा ही उन्होंने किया भी है। कम से कम उनका विद्यार्थी होने के बाद मुझे तो ऐसा महसूस हुआ है।
दिन का कोई भी पहर हो, उन्होंने हर बार, हर वक़्त हर असमंजस को दूर करने में मेरी मदद की है। वो निजी स्तर पर हो या प्रोफेशनल, वो अधिकतर मेरे साथ खड़े रहे हैं। पता नहीं क्यों मगर इस बात पर मुझे बेहद ख़ुशी और गर्व है।
इतने सालों का पत्रकारिता का अनुभव जब वो कक्षा में साझा किया करते थे तो एहसास होता था कि उनकी बताई ज्ञान की बातें हर पल मुझे अपनी मंज़िल की और बढ़ने का हौंसला दे रही हैं। इसके अलावा सबसे खूबसूरत पल वो हुआ करता था जब कभी वो लेक्चर की शुरुआत ' ओरियो' बिस्किट्स के साथ किया करते थे। ख़ुशी इस बात की ज़्यादा है कि आज भी अगर उनसे अपनी सफलता का कोई क़िस्सा साझा करो तो वो कहते हैं- 'एन्जॉय विद एन ओरियो टुडे'।
शुरुआत के दिनों में उनके डाँट देने से बहुत डर भी लगता था। उस डाँट का अंदाज़ भी कुछ अलग ही किस्म का था। डर लगने के साथ जो होता था वो ये कि हार ना मानकर आगे बढ़ने का हौंसला मिलता था। उनके कहे हर शब्द से प्रेरणा मिलती थी। यहाँ तक कि उनकी वो जेन्युइन स्माइल आज भी याद करो तो सुकून मिलता है।
जब सब कहते हैं कि दुनिया ऐसी है, लोग वैसे हैं, उस वक़्त वो हौंसला देते हैं ये कहकर कि 'वीर तुम बढ़े चलो'। रास्ता आसान नहीं है लेकिन उनके जैसे शिक्षक का जब तक साथ है, शायद हर मुश्किल का हल आसान है। आख़िरकार जीवन में कुछ हासिल करना है तो सिर पर एक अनुभवी शिक्षक का हाथ होना ज़रूरी है। अब तक उन्होंने हर पल सहारा दिया है और मुझे यक़ीन है कि आने वाले वक़्त में भी वो मेरे सपोर्ट बने रहेंगे। कुछ खूबसूरत लम्हें ऐसे भी हैं जिनमें उन्हें मुझ पर गर्व महसूस हुआ है। आगे भी ऐसा कुछ तो ज़रूर होगा, ये उम्मीद अभी बाक़ी है।
दिन का कोई भी पहर हो, उन्होंने हर बार, हर वक़्त हर असमंजस को दूर करने में मेरी मदद की है। वो निजी स्तर पर हो या प्रोफेशनल, वो अधिकतर मेरे साथ खड़े रहे हैं। पता नहीं क्यों मगर इस बात पर मुझे बेहद ख़ुशी और गर्व है।
इतने सालों का पत्रकारिता का अनुभव जब वो कक्षा में साझा किया करते थे तो एहसास होता था कि उनकी बताई ज्ञान की बातें हर पल मुझे अपनी मंज़िल की और बढ़ने का हौंसला दे रही हैं। इसके अलावा सबसे खूबसूरत पल वो हुआ करता था जब कभी वो लेक्चर की शुरुआत ' ओरियो' बिस्किट्स के साथ किया करते थे। ख़ुशी इस बात की ज़्यादा है कि आज भी अगर उनसे अपनी सफलता का कोई क़िस्सा साझा करो तो वो कहते हैं- 'एन्जॉय विद एन ओरियो टुडे'।
![]() |
| एक पुरानी याद |
जब सब कहते हैं कि दुनिया ऐसी है, लोग वैसे हैं, उस वक़्त वो हौंसला देते हैं ये कहकर कि 'वीर तुम बढ़े चलो'। रास्ता आसान नहीं है लेकिन उनके जैसे शिक्षक का जब तक साथ है, शायद हर मुश्किल का हल आसान है। आख़िरकार जीवन में कुछ हासिल करना है तो सिर पर एक अनुभवी शिक्षक का हाथ होना ज़रूरी है। अब तक उन्होंने हर पल सहारा दिया है और मुझे यक़ीन है कि आने वाले वक़्त में भी वो मेरे सपोर्ट बने रहेंगे। कुछ खूबसूरत लम्हें ऐसे भी हैं जिनमें उन्हें मुझ पर गर्व महसूस हुआ है। आगे भी ऐसा कुछ तो ज़रूर होगा, ये उम्मीद अभी बाक़ी है।

No comments:
Post a Comment